कब तक सीमांचल की अव्वाम गफलत भरी नींद में सोती रहेगी- नज्मुस साकिब

एएमयू छात्र संघ के पूर्व कैबिनेट सदस्य नजमुस साकिब ने अपने लेख में लिखा है कि 
यही है मेरा सीमांचल, शायद लोग इरिटेट हो जाते होंगे कि यह सिर्फ सीमांचल,सीमांचल करते रहता है। लेकिन आप यहां के हालात से रूबरू होंगे तो आप भी सोचेंगे कि शायद यह इस देश का हिस्सा ना हो इसलिए इन्हें पचासों बरस से पीड़ित रखा गया। पीड़ित महानंदा बेसिन प्रोजेक्ट के नाम,
रोजगार के नाम,भुखमरी के नाम, किसानों की फसल की सही कीमत के नाम और ना जाने कितनी परेशानी और कठिनाइयों का लोग रोज सामना करते हैं लेकिन उफ और आह तक नहीं करते हैं। क्यों करेंगे?

क्योंकि उन्हें आदत हो गया है?ऐसे ही रहने का उन्हें नहीं पता कि हम हर चीज में टैक्स अदा करते हैं और उसके बदले हमें जो चीज मिलना चाहिए वह सुविधाएं हमें नहीं मिल पाती है,इसकी जानकारी भी नहीं है!!
इतनी बड़ी आबादी होकर भी एक सरकारी मेडिकल कॉलेज नहीं, यूनिवर्सिटीज नहीं, इंडस्ट्रीज भी नहीं,अच्छे स्कूल व कॉलेज नहीं, फिर किस बात के लिए हम वोट करें। कभी-कभी वोट नहीं करने का भी मन करता है क्योंकि वैसे लोग चुनाव में लड़ते हैं/लड़ना चाहते हैं, जिनका कोई आईडिया, विजन ही नहीं कि हम अपने क्षेत्र के लिए कैसे विकास कर सकें, लोगों के परेशानियों का समाधान कैसे निकाला जाए?इसका कोई एक भी रोडमैप नहीं!

जब यह विजन किसी उम्मीदवार में नहीं होता है तो फिर चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग करने का दिल नहीं करता है?
आज मुझे यह चीज कहना पड़ रहा है की आज भी हम लोग गुलाम हैं! चुनाव आता है लोग अपने रिश्तेदारों,जानने वालों या किसी एक खास पार्टी के नाम पर वोट करते आ रहे हैं।लेकिन आज तक वो उम्मीदवार/राजनेता उनके लिए(अव्वाम) कुछ नहीं कर सके सिर्फ और सिर्फ इस्तेमाल होकर रह गए।
आज वक्त की जरूरत है की अपनी आवाज को बुलंद करें और अपने हक वह हुकुम के लिए अपने लबों का इस्तेमाल करें!!
इस मुश्किल के वक्त में सैलाब छेत्र में लोगों की मदद करें,लेकिन यह कब तक लोग करते रहेंगे!जब तक आप ग़फ़लत भरी नींद से उठ नही जाते हैं।”
~मोहम्मद नजमुस साकिब,
पूर्व कैबिनेट सदस्य,
एएमयू छात्र संघ,अलीगढ़।

 202 total views,  2 views today

Leave a Reply

Your email address will not be published.