जीवन, जीविका दोनो पर गहराने लगा है संकट ,सी पी आई

प्रकाशनार्थ रांची 17 मई 2021
जीवन, जीविका दोनो पर गहराने लगा है संकट _ ऐक्टू
कोरोना फ्रंटलाइन वर्करों और दिहाड़ी मजदूरों से जुड़े समस्याओं की त्वरित समाधान की मांग पर ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियन, (एक्टू) ने आज राज्यव्यापी मांग दिवस के रूप में मनाया। कोरोना गाइडलाइन के नियमों का पालन करते हुए ऐक्टू कार्यालय ,महेंद्र सिंह भवन में एक दिवसीय धरना दिया गया। राज्य के 16जिलो के औद्योगिक इकाईयों, कार्यस्थल,मजदूर मुहल्लो व घरों में धरना प्रदर्शन और उपवास कार्यक्रम अयोजित किए गए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ऐक्टू के प्रदेश महासचिव शुभेंदू सेन ने कहा की झारखंड में स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह में लोक डाउन की तरह ही सख्ती से राज्य के मजदूरों के समक्ष जीविका का संकट गहराने लगा है। लोकडाउन की सख्ती से निर्माण कार्य के बंद होने,मनरेगा में बिचौलियों की मनमानी और मजदूरी का बकाया होने से ग्रामीण गरीबों और मजदूरों के समक्ष भूखमरी की हालात पैदा हो गई है। समय रहते सरकार मजदूरों से जुडे सवालों का समाधान नहीं की तो पहले की तरह कोरोना से अधिक भूख से मौतें होंगी। निमार्ण मजदूर यूनियन के महासचिव व माले नेता भुवनेश्वर केवट ने कहा कि देश में कोराेना से हुई मौतें प्राकृतिक से कहीं ज्यादा अपराधिक किस्म की लापरवाही की देन है। केंद्रऔर राज्यों की सरकारें बड़बोले चुनावी भाषणों के बजाय न्युनतम सांस लेने के लिए ऑक्सिजन की व्यवस्था की गई होती तो मौत के मामले में हम विश्व गुरू नही बनते। कोरोना फ्रंट लाइन वर्करों की बीमा विशेष भत्ता और सुरक्षा के समुचित व्यव्स्था के अभाव में फ्रंट लाइन कर्मियों की मौत के लिए केंद्र और राज्यों की सरकारें जिम्मेदार हैं। कार्यक्रम के माध्यम से एक्टू झारखंड राज्य कमिटी ने माननीय मुख्यमंत्री को सात सूत्री मांग पत्र इमेल द्वारा प्रेषित किया गया। जिसमे

1. कोरोना महामारी में राहत हेतू सभी गरीब और मजदूर परिवारों को प्रति व्यक्ति 10 किलो राशन व दाल,चीनी आदि सामग्री आपूर्ति करने, मजदूरों के बैंक खाते में ₹10000 दस हजार रुपए कोरोना राहत राशि का भुगतान करने . सभी ग्रामीण और शहरी मजदूरों को मनरेगा के तहत 200 दिन काम और ₹500 मजदूरी भुगतान की गारंटी करने
कोरोना फ्रंट लाइन वर्करों को बीमा, विशेष भत्ता और सुरक्षा की गारंटी किया करने आदी मुख्य मांगे शमिल है।

कार्यक्रम के पूर्व कॉविड संक्रमण से मरे फ्रंट लाइन वर्करों, सामाजिक, राजनितिक कार्यक्रताओं समेत असामयिक मौत के शिकार सभी मृतको को एक मिनट का मौन श्रद्धांजलि दिया गया। धरना कार्यक्रम में एनामुल हक, राजेन्द्र दास , अमानत गद्दी, काली मिंज, सुधीर तांती, मंजू तिग्गा,मीना सिंह आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।
भूवनेश्वर केवट।

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