जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के बोर्ड पर पोस्ट लगाया गया जिहादी अतनवादी इस्लामिक सेंटर

भावनाओं पर कंट्रोल होना चाहिए अच्छी बात है होना भी ज़रूरी है लेकिन जिस इस्लामिक कल्चरल सेंटर को जिहादी, आतंकवादी सेंटर लिखा गया है और जो नीचे सौजन्य से हिन्दू सेना लिखा है उसके कई मेम्बर भी हिन्दू हैं अब अगर पलटकर किसी मुसलमान की आस्था को ठेस पहुंची और उसने कुछ गलत कर दिया तब पूरा मीडिया तन्त्र और सोशल साइट्स पर मुसलमानों को सीख देने के लिए और उनपर बैन लगाने के लिए बड़ी बड़ी बातें लिखीं जाएँगी।
पहले मुसलमानों के सब्र का लिटमस टेस्ट करो फिर अगर भावनाओं पर कंट्रोल न कर पाए तो पूरी क़ौम को तरह तरह की गलियों से नवाज़ों।
फ्राँस में ऐसे ही कई सालों से मुसलमानों की आस्थाओं पर तंज़ कसा जाता था। आखिर कबतक कोई बर्दाश्त करेगा हर किसी के अंदर इतनी बर्दाश्त करने की कूव्वत नहीं होती है लेकिन आज फिर से बोलता हूँ कि दुनिया में अगर सब्र देखना है तो हिंदुस्तानी मुसलमान को देख लो।
बार बार ये आतंकवादी ग्रुप उर्दू नाम वालों के खिलाफ कुछ न कुछ भड़काने वाली हरकतें करते रहते हैं लेकिन यही सोचकर सब्र कर लेते हैं सब कि शायद अब समझ आ जाये।
मुझे इन तथाकथित हिन्दू सेना के आतंकियों से हमदर्दी नहीं है लेकिन उन सभी अपने गैर मुस्लिम भाइयों और बहनों के लिए ज़रूर हमदर्दी और दोस्ती है जो हमेशा हक़ और इंसाफ़ के साथ खड़े रहते हैं।

Faizul Hasan ki report

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