कदवा प्रखंड के शुक्र हाट में घटित उपद्रव के घटना के आरोपी कुछ सामाजिक, कार्यकर्ता राजनीतिक कार्यकर्ता एवं जनप्रतिनिधि भी है।

कदवा प्रखंड के शुक्र हाट में घटित उपद्रव के घटना के आरोपी कुछ सामाजिक, कार्यकर्ता राजनीतिक कार्यकर्ता एवं जनप्रतिनिधि भी है।

इसने हर परिस्थिति में जन सामान्य से लेकर प्रशासन तक को अपेक्षा होती है कि ये लोग घटनास्थल पर जल्द से जल्द पहुंच कर स्थिति को सामान्य बनाने में मदद करें। ऐसे में अगर इन लोगों को किसी घटना का आरोपी बनाकर तुरंत गिरफ्तार किया जाता है तो कठिन वक्त में किसी भी व्यक्ति समाज एवं प्रशासन के लिए कोई भी कैसे खड़ा होगा। मैं यह नहीं कहता कि किसी का भी निर्दोष होने का आधार सिर्फ उसका राजनीतिक कार्यकर्ता, सामाजिक कार्यकर्ता या जनप्रतिनिधि होने को मान लिया जाए। लेकिन पुलिस प्रशासन से विनम्र निवेदन है कि ऐसे लोग जिनका पृष्ठभूमि अपराधिक नहीं रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता, राजनीतिक कार्यकर्ता का रहा है या वे जनप्रतिनिधि हैं तो ऐसी परिस्थिति में इनकी गिरफ्तारी से पहले हर पहलू पर जांच मुकम्मल कर ली जाए। उसके बाद ही गिरफ्तारी हो।

इस घटना की ओर मैं तमाम निर्वाचित जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं। खासकर उन जनप्रतिनिधियों का जिन्हें कानून बनाने का अधिकार है। जिसमें विशेष तौर पर एमएलए और एमपी साहब है। जिस प्रकार पत्रकारों को कानून के द्वारा संरक्षण हासिल है। उसी प्रकार का संरक्षण सामाजिक कार्यकर्ता, राजनीतिक कार्यकर्ता तथा जनप्रतिनिधियों को भी मिले। इसके लिए कानून लाने का प्रस्ताव विधानसभा तथा लोकसभा में रखा जाए। ताकि बुरे वक्त में जनता के साथ खड़े होने वाले को अपने फसने का डर नहीं सताए।

Nitish Kumar’s tap water scheme was not successful, the villagers of Cholhar Ward 13 are craving water!

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